गौरैया के बारे में रोचक तथ्य Interesting facts about Sparrow In Hindi

Facts About Sparrow in Hindi: अपनी मीठी और थोड़ी प्यारी सी आवाज चीं..चीं से चहकने वाली और पहचान ली जाने वाली छोटी सी पक्षी गौरैया अब बहुत कम दिखाई देती हैं।

Rochak Jankari गौरैया के बारे में, कभी हमलोगों के घरों के पास कूदती उछलती प्यारी पक्षी गौरैया को हम बहुत आसानी से देख पाते थे लेकिन अब तो इसके दर्शन भी मुश्किल हो गए हैं और अब गौरैया विलुप्त हो रही प्रजातियों  में आ गई है।

गौरैया के Interesting Facts, गौरैया को भारत के अलग-अलग राज्यों में, अलग-अलग नाम से जैसे पंजाब में चिरी, जम्मू -कश्मीर में चेर, पश्चिम बंगाल में चराई पाखी, उड़ीसा में घराछतिया, गुजरात में चकली, महाराष्ट्र में चिमनी, तेलुगु में पिछुका और कन्नड़ में गुबाच्ची के नाम से जाना जाता है। नर गौरैया को चिड़ा और मादा को चिड़ी या चिड़िया भी कहते हैं।

Amazing Facts About Sparrow in Hindi:

हम आज इस लेख में आपको गौरैया से जुड़ी कुछ Amazing facts के बारे में बताएँगे। आप अपनी राय जरूर दे कि कौन सा आपको ज्यादा Interesting लगा। आइए जानते हैं, गौरैया से जुड़े 25+ रोचक तथ्य:

facts about sparrow in hindi

➥ Sparrow Facts 01 to 05:

  • गौरैया का वैज्ञानिक नाम Passer Domesticus(पासर डोमेस्टिकस) है। औसतन इसकी लंबाई 16 सेमी (6.3 इंच) और वजन 24 से 40 ग्राम होता है। 
  • गौरैया की आँख के रेटिना में प्रति वर्ग मिलीमीटर 4 लाख Photoreceptor होते है।
  • गौरैया प्राकृतिक रूप से मांसाहारी होते हैं। गौरैया चिड़िया का खाना मुख्य रूप से पतंगे और अन्य छोटे कीड़े हैं।
  •  वैज्ञानिकों के मुताबिक गौरैयों की लगभग 43 प्रजातियां मौजूद हैं। पिछले कुछ सालों में इसकी संख्या में 60 से 80 फीसदी की कमी आई है।
  • शहरी इलाकों में गौरैया की छह तरह ही प्रजातियां पाई जाती हैं, जिन्हें House Sparrow, Spanish Sparrow, Synd Sparrow, Reset Sparrow, Dead Sea Sparrow और Tree Sparrow में बाँटा गया हैं।

➥ Sparrow facts 06 to 10:

  • गौरैया आमतौर पर 38 किमी प्रति घंटे की गति से उड़ते हैं। लेकिन खतरे के समय, वे प्रति घंटे 50 किमी की तेज़ गति से भी उड़ सकते हैं।
  • गौरैया आमतौर पर जमीन पर सीधे चलने की बजाए उछलते हुए चलते हैं और गौरैया में तैरने की क्षमता होती हैं, ये पानी के अंदर ही अंदर तैरते हैं। 
  • अधिकांश गौरैया सुस्त होते हैं, वो शायद ही कभी अपने जन्मस्थान से 2 किलोमीटर (1.2 मील) से दूर उड़ते हैं।
  • नर गौरैया के सिर का ऊपरी भाग, नीचे का भाग और गालों का रंग भूरा होता है, जबकि गला, चोंच और आँखों पर काला रंग होता है और पैर भूरे रंग के होते है।
  • मादा गौरैया के सिर और गले पर भूरा रंग नहीं होता है, जबकि पीठ और गर्दन पर की पट्टियाँ भूरे रंग की होती हैं।


➥ Sparrow facts 11 to 15:

  • गौरैया का घोंसला बनाने की ज़िम्मेदारी नर गौरैयों की होती हैं और घोंसला बनाते समय वे मादा गौरैयों को आकर्षित करने की कोशिश करते हैं।
  • गौरैया के बहुत कम अंडों में माता-पिता दोनों का डीएनए होता हैं। ज्यादातर में केवल उनके माँ का डीएनए होता हैं।
  • मादा गौरैया हर साल 3 से 5 अंडे देती है, 12 से 15 दिनों के बाद अंडे में से एक गौरैया का जन्म होता हैं।
  • नर और मादा दोनों मिल के अंडे और अपने बच्चे का ख्याल रखते हैं। 
  • गौरैया जन्म के 15 दिन बाद ही इतना काबिल हो जाता है कि वह घोंसला छोड़ सकें।

➥ Sparrow facts 16 to 20:

  • जंगली गौरैया औसतन 4 से 5 साल तक जीवित रह सकते हैं लेकिन, डेनमार्क में एक जंगली गौरैया 19 साल और 9 महीने तक जीवित रहा था, जंगली गौरैया के लिए यह एक वर्ल्ड रिकॉर्ड हैं।
  • गौरैया जब दु:खी होते है तो अपने तनाव को कम करने के लिए अपने पूँछ को बार-बार झटकते हैं।
  • गौरैया की कुछ प्रजातियां पहाड़ी इलाकों में लगभग 3300 फ़ीट की ऊँचाई पर रहती हैं और गौरैया लगभग 10-12 हजार फीट की ऊँचाई तक उड़ सकता हैं। 
  • घरेलु गौरैया ऐसे तो ज्यादातर समय जमीन पर ही रहती है, लेकिन यह इसके अलावे पेड़ों और झाड़ियों में घूमती देखी जाती है।
  • घरेलू गौरैया धूल से नहाती है, यह ऐसा करते समय लगातार अपने शरीर पर, पंखों पर मिट्टी और धूल में लोटती है, जैसे कि वह पानी में नहा रहीं हो।


➥ Sparrow facts 21 to 25:

  • गौरैया मुख्य रूप से अपने घोंसले April - August Months में बनाते है, हालांकि इसके अलावे भी गौरैयों को सभी महीनों में घोंसले बनाते देखा गया है।
  • 1950 के दशक के अंत मे, चीन की सरकार ने लाखों गौरैयों को मारने का अभियान शुरू किया
  • हर साल 20 मार्च को दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में “World Sparrow Day - विश्व गौरैया दिवस” मनाया जाता है, इसकी शुरूआत 2010 में गौरैया की घटती आबादी को चिंताजनक मानकर की गई थी।
  • गौरैया संरक्षणगौरैया बचाओ अभियान को सपोर्ट करते हुए साल 2012 में घरेलू गौरैया को दिल्ली का और 2013 में बिहार का राजकीय पंछी भी घोषित किया गया। 
  • गौरैया की घटती आबादी का एक बड़ा कारण मोबाइल टॉवर से निकलने वाली रेडिएशन है क्योंकि आमतौर पर 12 से 15 दिनों तक अंडे सेने के बाद गौरैया के बच्चे निकल आते हैं लेकिन मोबाइल टॉवर्स के पास 30 दिन सेने के बावजूद भी अंडा नहीं फूटता।

One more Sparrow facts हिंदी में: गौरेया से हमें प्रथम परिचय 1851 में अमेरिका के Brooklyn Institute ने कराया था। गौरैया के मुख्य शिकारी कुत्ते, बिल्ली, लोमड़ी और सांप होते हैं, नए और अनुभवहीन गौरैया के बच्चे इन मांसाहारी जानवरों के लिए मुख्य और आसान भोजन हैं।।


➦ Note :-  अगर आपके पास भी Sparrow से जुडी Information हैं, या दी गयी जानकारी मैं कुछ गलत लगे तो तुरंत हमें कमेंट में लिखे हम उसे सुधार देंगे। गौरैया से जुड़े इस लेख को पढ़ने के लिये धन्यवाद !

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गौरैया के बारे में रोचक तथ्य Interesting facts about Sparrow In Hindi गौरैया के बारे में रोचक तथ्य Interesting facts about Sparrow In Hindi Reviewed by Kumar Mritunjay on October 17, 2018 Rating: 5

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